Iss se behtar Nazm kya hogi (इस से बेहतर नज़्म क्या होगी) Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps - August 01, 2014 नज़्म उलझी हुई है सीने में, मिसरे अटके हुए है होंठों पर, लब्ज़ कागज़ पर बैठते ही नहीं, उड़ते रहते है तितलियों की तरह, Read more